उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सीवर लाइनों को जानबूझकर जाम किए जाने का मामला सामने आया है। नगर निगम ने आरोप लगाया है कि शहर के कई इलाकों में सीवर लाइनों के अंदर बालू की बोरियां, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई और प्लास्टिक जैसी सामग्री डाली गई, जिससे सीवर लाइन चोक हो गई और जलभराव की समस्या पैदा हुई।
नगर निगम के अनुसार, शिवाला, सरायनंदन, नगवा समेत करीब आधा दर्जन वार्डों की सीवर लाइनों की जांच और सफाई के दौरान यह सामग्री बरामद हुई। शुक्रवार रात शिवाला क्षेत्र में सफाई अभियान के दौरान मुख्य सीवर लाइन से करीब 12 बोरी बालू निकाली गई। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी मात्रा में बालू और अन्य सामग्री जमा होने के कारण सीवर का पानी आगे नहीं निकल सका और आसपास की गलियों में ओवरफ्लो होने लगा।
जलभराव की समस्या के बीच शनिवार को महापौर और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों तथा पार्षदों के साथ शिवाला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नगर निगम और जलकल विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। कई स्थानों पर जलभराव दूर किया जा चुका है, जबकि निचले इलाकों से पंपों की मदद से पानी निकाला जा रहा है।
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सीवर में बालू की बोरियां मिलने के बाद नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लिया है। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। इसमें मुख्य सीवर लाइन को जानबूझकर जाम कर शहर में जलभराव कराने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।
नगर निगम अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज के जरिए सीवर लाइन में सामग्री डालने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी सरकारी संपत्ति या सीवर लाइनों से छेड़छाड़ की जानकारी तत्काल नगर निगम को देने की अपील की।
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