वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो ने अगस्त में प्रस्तावित अमेरिका समर्थित राजनीतिक वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस वार्ता की योजना, संचालन या प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेगा।
मारिया कोरीना मचाडो ने एक संयुक्त बयान में यह घोषणा की। इस बयान पर एडमुंडो गोंजालेज़ उर्रुतिया के भी हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने वर्ष 2024 के वेनेजुएला राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से चुनाव लड़ा था।
बयान में कहा गया कि विपक्ष प्रस्तावित वार्ता के "डिजाइन, विकास और संचालन" में किसी भी प्रकार की भागीदारी नहीं करेगा। मचाडो और गोंजालेज़ का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह की बातचीत लोकतांत्रिक समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं होगी।
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गौरतलब है कि अमेरिका ने इन प्रस्तावित वार्ताओं का स्वागत करते हुए इसे वेनेजुएला में राजनीतिक सुलह और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया था। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि लंबे समय से जारी राजनीतिक संकट को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।
यह वार्ता वेनेजुएला की वास्तविक सत्ता संभाल रही डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व वाले प्रशासन और विपक्षी पक्षों के बीच प्रस्तावित थी। हालांकि, विपक्ष के प्रमुख नेताओं द्वारा इससे दूरी बनाए जाने के बाद इस पहल की सफलता पर सवाल उठने लगे हैं।
वेनेजुएला पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव, चुनावी विवाद और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण देश में स्थिर राजनीतिक समाधान अब तक नहीं निकल सका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रमुख विपक्षी दल इस वार्ता से बाहर रहते हैं, तो राजनीतिक सहमति बनाना और राष्ट्रीय स्तर पर समाधान निकालना और अधिक कठिन हो सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विपक्ष के इस फैसले के बाद अमेरिका और वेनेजुएला की सरकार आगे क्या रणनीति अपनाते हैं।
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