भारतीय टेनिस के महान खिलाड़ी विजय अमृतराज को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान खेल जगत में उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया।
विजय अमृतराज भारतीय टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। अपने करियर के दौरान वे एटीपी रैंकिंग में विश्व के नंबर 16 तक पहुंचे, जो अब तक किसी भी भारतीय खिलाड़ी की सर्वोच्च रैंकिंग है। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व दो दशकों से अधिक समय तक किया और 1974 तथा 1987 में डेविस कप फाइनल तक टीम का नेतृत्व किया।
अपने करियर में अमृतराज ने कई दिग्गज खिलाड़ियों को हराया, जिनमें जॉन मैकनरो, ब्योर्न बोर्ग और जिमी कॉनर्स जैसे विश्व नंबर-1 खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने कॉनर्स को 11 मुकाबलों में 5 बार हराया, जो उनकी महानता को दर्शाता है।
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उन्होंने अपने करियर में 15 एटीपी सिंगल्स खिताब और 13 डबल्स खिताब भी जीते। इसके अलावा, वे विंबलडन और यूएस ओपन में दो-दो बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे।
खेल के अलावा विजय अमृतराज एक प्रतिष्ठित प्रशासक और कमेंटेटर भी रहे हैं। उन्होंने ब्रिटानिया अमृतराज टेनिस (BAT) कार्यक्रम शुरू किया, जिसने लिएंडर पेस और सोमदेव देववर्मन जैसे खिलाड़ियों को तैयार किया। वे एटीपी काउंसिल के अध्यक्ष भी रहे और वर्तमान में तमिलनाडु टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।
उन्हें वर्ष 2024 में इंटरनेशनल टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया, जिससे वे इस सम्मान को पाने वाले पहले एशियाई खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
इसी समारोह में पूर्व क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा और हॉकी खिलाड़ी सविता पुनिया को भी पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
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