तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी हलचल के बीच तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। पार्टी की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जहां सरकार गठन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में स्पष्ट किया गया कि टीवीके अपनी राजनीतिक रणनीति में आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेगी। पार्टी नेताओं ने यह भी तय किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल से समर्थन मांगने के लिए “भीख” नहीं मांगेंगे।
टीवीके ने अपने पहले बड़े चुनाव में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए तमिलनाडु की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। 234 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 110 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से वह थोड़ा पीछे रह गई।
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विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों सीटों से जीत दर्ज की, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ और मजबूत हुई है। पार्टी को करीब 35 प्रतिशत वोट शेयर भी मिला, जो एक नए दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस चुनाव ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है, जहां पारंपरिक द्रविड़ दलों—डीएमके और एआईएडीएमके—के वर्चस्व को चुनौती मिली है। टीवीके के उभार ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
अब विजय के नेतृत्व में पार्टी के सामने अगली चुनौती सरकार गठन की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीवीके गठबंधन करती है, बाहरी समर्थन लेती है या अपने दम पर सरकार बनाने की कोशिश करती है।
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