तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में इस बार केवल राजनीतिक बदलाव ही नहीं, बल्कि प्रोटोकॉल में हुए बड़े बदलाव ने भी सबका ध्यान आकर्षित किया। अभिनेता से राजनेता बने विजय के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राष्ट्रगान से पहले पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया।
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान पहली बार केंद्र सरकार के संशोधित प्रोटोकॉल को पूरी तरह लागू किया गया।
कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए थे कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पदों का पूर्ण गायन किया जाए। विजय के शपथ ग्रहण समारोह में इसी निर्देश का पालन किया गया। समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। इसके बाद तमिलनाडु का पारंपरिक राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ गाया गया।
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सामान्य तौर पर तमिलनाडु के सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ से होती रही है, लेकिन इस बार वर्षों पुरानी परंपरा में बदलाव देखने को मिला। कार्यक्रम में गीतों के क्रम को पूरी तरह बदल दिया गया, जिससे यह समारोह राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केंद्र और राज्य के बीच नए समन्वय और प्रशासनिक दिशा को भी दर्शाता है। वहीं, विजय समर्थकों ने इसे “नए युग की शुरुआत” बताया।
विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसमें प्रशासनिक परंपराओं और राजनीतिक संदेशों दोनों में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।
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