भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन अपने पहले द्विपक्षीय दौरे पर श्रीलंका के लिए रवाना हो गए हैं। The Indian Witness ने बताया कि उपराष्ट्रपति का यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और श्रीलंका के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने पर जोर दिया जा रहा है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन अपने इस दौरे के दौरान श्रीलंका के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे।
भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। हाल के वर्षों में भारत ने श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबरने में भी सहायता प्रदान की है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और गहरे हुए हैं।
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इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा, पर्यटन और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और बढ़ाएगा।
उपराष्ट्रपति के इस दौरे को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों के बीच।
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