आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक नई रिपोर्ट ने राज्य की राजनीति में उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के लगभग 47 प्रतिशत मौजूदा विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है।
यह विश्लेषण कुल 294 में से 291 विधायकों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्रों के आधार पर किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि 136 विधायक किसी न किसी आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं, जबकि 109 विधायक यानी लगभग 37 प्रतिशत पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 8 विधायकों ने अपने खिलाफ हत्या से जुड़े मामले घोषित किए हैं, जबकि 29 विधायकों पर हत्या के प्रयास के आरोप हैं। इसके अलावा 22 विधायकों के खिलाफ महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं, जिनमें एक विधायक पर बलात्कार का आरोप भी शामिल है।
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पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के 223 विधायकों में से 92 यानी करीब 41 प्रतिशत पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के 64 विधायकों में से 42 यानी लगभग 66 प्रतिशत विधायकों ने अपने खिलाफ ऐसे मामलों की जानकारी दी है।
रिपोर्ट में विधायकों की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया गया है। कुल 291 विधायकों में से 152 यानी 52 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। इन विधायकों की कुल घोषित संपत्ति लगभग 821.50 करोड़ रुपये है और प्रति विधायक औसत संपत्ति 2.82 करोड़ रुपये है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
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