पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार ने 66 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में शामिल करने की अधिसूचना जारी की। इस निर्णय के तहत इन जातियों को राज्य सरकार की नौकरियों और सेवाओं में 7 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार, अधिसूचना में कई मुस्लिम समुदायों को भी शामिल किया गया है, ताकि वे सरकारी नौकरी और विभिन्न सेवाओं में आरक्षण का लाभ उठा सकें। यह कदम राज्य सरकार की समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की नीति के तहत उठाया गया है।
पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों ने बताया कि इस आरक्षण का उद्देश्य पिछड़े और कमजोर वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाना और उन्हें सरकारी नौकरियों और सेवाओं में समुचित प्रतिनिधित्व देना है।
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राज्य सरकार ने कहा कि अब तक OBC श्रेणी में शामिल नहीं की गई इन जातियों के लिए यह ऐतिहासिक कदम है। यह निर्णय सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस अधिसूचना के बाद चयन प्रक्रियाओं में 7 प्रतिशत आरक्षण लागू होगा, जिससे रोजगार और सेवाओं में पिछड़े वर्गों की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य में समान अवसर और विविधता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करें और पात्र वर्गों के लाभ सुनिश्चित करें।
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