पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए 530 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार (26 फरवरी 2026) को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इनमें से लगभग 280 न्यायिक अधिकारियों ने दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लंबित एसआईआर मामलों के डाटाबेस तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इन अधिकारियों के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भी तैयार कर दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।
इसी दिन कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में एसआईआर की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया गया।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी दावों और आपत्तियों की गहन जांच कर समय पर निर्णय लें।
राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रशासन सतर्क है और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावी तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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