तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष के रूप में उनकी पार्टी 2026 के आम चुनावों में बहुमत के करीब पहुंच चुकी है। मतगणना के ताजा रुझानों के अनुसार BNP ने 300 में से 200 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है और कई रिपोर्ट में पार्टी के 200 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया गया है। यह लगभग दो दशकों के निर्वासन के बाद उनकी नाटकीय वापसी मानी जा रही है।
तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। उन्होंने देश और विदेश में शिक्षा प्राप्त की और पार्टी में रणनीतिकार और आयोजक के रूप में तेजी से उभरे। समय के साथ वे BNP के वास्तविक नेता बन गए, भले ही औपचारिक नेतृत्व उनकी मां के पास रहा।
साल 2007 में सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में 2008 में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें इलाज के लिए लंदन जाने की अनुमति मिली, जहां वे 17 वर्षों तक निर्वासन में रहे। तारिक का दावा था कि उनके खिलाफ मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित थे।
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2024 में शेख़ हसीना सरकार के पतन और अदालतों द्वारा उनकी सजा रद्द होने के बाद दिसंबर 2025 में वे ढाका लौटे। उनकी वापसी पर बड़े पैमाने पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मतदाता पंजीकरण कराया और 2026 चुनाव में हिस्सा लिया।
चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती, रोजगार सृजन, विदेशी निवेश बढ़ाने और किसानों व परिवारों के समर्थन का वादा किया। विशेषज्ञ मानते हैं कि उनकी सरकार के लिए भारत-बांग्लादेश संबंध एक अहम परीक्षा होंगे। उनकी पार्टी पड़ोसी देशों के साथ समानता और आपसी हितों पर आधारित संबंधों की वकालत करती है।
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