उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ‘हिंदू सांप्रदायिकता’ संबंधी टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने पद की गरिमा बनाए नहीं रखी। ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने अंसारी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और संविधान की अपेक्षा है कि किसी महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहने वाला व्यक्ति हमेशा उस पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी राय अलग हो सकती है, लेकिन भारत से जुड़े मुद्दों पर देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हामिद अंसारी ने शनिवार को एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर के दौरान कथित तौर पर कहा था कि भारत के लिए दक्षिणपंथी हिंदू सांप्रदायिकता, साम्यवाद से बड़ी चुनौती है। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। योगी ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी भारतीय संस्कृति और देश की छवि के खिलाफ है।
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राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी हमला बोला। योगी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार किया गया और इसे कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति से जोड़कर देखा।
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली से जुड़े प्रसंग की ओर इशारा किया, जिसमें राहुल गांधी और स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री की नकल करते हुए एक बुजुर्ग महिला के लिए कुर्सी मंगाने की घटना का संदर्भ दिया था।
योगी ने कहा कि बुजुर्ग, महिला या दिव्यांग व्यक्ति को सम्मान देना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद या उम्रदराज व्यक्ति को पहले जाने देना अथवा सीट उपलब्ध होने पर उन्हें बैठाना सामान्य सामाजिक मर्यादा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने इन मूल्यों को नहीं सीखा, उनसे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना समझने की उम्मीद करना कठिन है।
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