नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद अभिनेता कार्तिक आर्यन मुंबई लौटते ही भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने लालबागचा राजा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपना राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार बप्पा के चरणों में समर्पित किया और प्रार्थना की। कार्तिक को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है।
कार्तिक आर्यन लालबागचा राजा की प्रतिमा के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने हाथ में मौजूद राष्ट्रीय पुरस्कार को गणपति बप्पा के चरणों में रखा और हाथ जोड़कर प्रार्थना की। इस दौरान उनके चेहरे पर खुशी और भावुकता साफ दिखाई दी। दर्शन के लिए कार्तिक ने नीले कुर्ते और सफेद पायजामे का सादगी भरा लुक चुना।
दर्शन के बाद कार्तिक ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद खुशी और भावुकता का पल है। उन्होंने बताया कि अवॉर्ड हासिल करने के बाद बप्पा का आशीर्वाद लेना उनके लिए बेहद खास अनुभव है।
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‘चंदू चैंपियन’ वर्ष 2024 में रिलीज हुई स्पोर्ट्स बायोपिक है। फिल्म में कार्तिक ने भारत के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्होंने अपने लुक और शारीरिक बदलाव पर काफी मेहनत की थी। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मान ग्रहण किया।
अवॉर्ड मिलने के बाद कार्तिक ने ग्वालियर के अपने पुराने दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि छोटे शहर से निकलकर अभिनेता बनने का सपना देखना आसान नहीं था। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय निर्देशक कबीर खान और निर्माता साजिद नाडियाडवाला को भी दिया।
कार्तिक ने फिल्म के चर्चित संवाद ‘चंदू नहीं, चैंपियन हूं मैं’ का जिक्र करते हुए अपनी यात्रा को याद किया। अब राष्ट्रीय सम्मान मिलने के बाद लालबागचा राजा के चरणों में पुरस्कार समर्पित करने का उनका अंदाज प्रशंसकों के बीच चर्चा में है।
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