बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार, 22 सितंबर को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। इस खबर की पुष्टि यश राज फिल्म्स ने की। प्रोडक्शन हाउस ने परिवार की ओर से लोगों से इस दुख की घड़ी में निजता बनाए रखने की अपील की है। कृष्णा मुखर्जी रानी के लिए हमेशा मजबूत सहारा बनी रहीं और उनके निजी जीवन के साथ-साथ करियर में भी उनकी अहम भूमिका रही। हालांकि, उनके निधन की वजह से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
यश राज फिल्म्स ने अपने बयान में कहा कि परिवार इस कठिन समय में मिले प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए आभारी है और सभी से निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।
कृष्णा मुखर्जी कौन थीं?
कृष्णा मुखर्जी का फिल्म इंडस्ट्री से भी संबंध था। वह एक प्लेबैक सिंगर थीं। उन्होंने 1982 में आई फिल्म ‘तीसरी आंख’ के गीत ‘इद्द के दिन गले मिल ले राजा’ को अपनी आवाज दी थी। हालांकि, उन्होंने ज्यादातर समय लाइमलाइट से दूरी बनाए रखी। उन्हें कभी-कभार मुखर्जी परिवार की दुर्गा पूजा और अन्य पारिवारिक समारोहों में देखा जाता था।
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काजोल से क्या था रिश्ता?
कृष्णा मुखर्जी की शादी फिल्म निर्माता राम मुखर्जी से हुई थी। राम मुखर्जी, अभिनेत्री काजोल के पिता शोमू मुखर्जी के फर्स्ट कजिन थे। इस रिश्ते के कारण कृष्णा, काजोल की आंटी-इन-लॉ थीं। काजोल की मां तनुजा और कृष्णा मुखर्जी भी रिश्ते में समधिन नहीं, बल्कि विवाह के जरिए सिस्टर-इन-लॉ थीं।
रानी मुखर्जी का फिल्मी सफर
रानी मुखर्जी ने 1996 में बंगाली फिल्म ‘बियेर फूल’ से अभिनय करियर शुरू किया। इसके बाद 1997 में ‘राजा की आएगी बारात’ से बॉलीवुड में कदम रखा। ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी अलविदा ना कहना’, ‘ब्लैक’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ के लिए उन्हें 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला था।
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