शार्क टैंक इंडिया 5 में निवेश न मिलने के बावजूद मिठाई ब्रांड पिस्ताबर्फी के लिए यह अनुभव बेहद फायदेमंद साबित हुआ। शो में पिस्ताबर्फी के संस्थापक तनय अग्रवाल और उनके भाई हर्षित अग्रवाल—जो चर्चित फिल्म ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर भी हैं—ने अपने ब्रांड का पिच प्रस्तुत किया। सभी शार्क्स ने प्रोडक्ट की गुणवत्ता और ब्रांड की संभावना की जमकर तारीफ की, लेकिन अंततः डील नहीं हो पाई।
शो के दौरान अनुपम मित्तल ने ब्रांड को “गोल्डमाइन” तक कहा, लेकिन निवेशक वरुण अलघ की एक शर्त पर मामला अटक गया। वरुण चाहते थे कि हर्षित अग्रवाल फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर पिस्ताबर्फी को फुल-टाइम दें। इस शर्त को स्वीकार न करने के कारण फाउंडर्स को फंडिंग गंवानी पड़ी।
हालांकि, शो के बाद पिस्ताबर्फी की किस्मत ने नया मोड़ लिया। एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में तनय अग्रवाल ने बताया कि शो के प्रसारण के बाद बिक्री दोगुनी हो गई और एक ही दिन में कंपनी ने पूरे महीने जितना रेवेन्यू कमा लिया। तनय के अनुसार, “डील मिलना जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है अपनी रीढ़ सीधी रखना।”
तनय ने यह भी साफ किया कि हर्षित अग्रवाल भविष्य में भी ब्रांड से जुड़े रहेंगे, लेकिन फुल-टाइम नहीं, क्योंकि फिल्मों के प्रति उनका जुनून उतना ही गहरा है। उन्होंने कहा कि पिस्ताबर्फी की पहचान और ग्रोथ किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, बल्कि पूरी टीम के विजन और मेहनत का नतीजा है।
शार्क टैंक इंडिया 5 ने भले ही पिस्ताबर्फी को निवेश न दिलाया हो, लेकिन ब्रांड को देशभर में पहचान दिलाने का काम जरूर किया। यह कहानी बताती है कि कभी-कभी मंच से मिली पहचान, फंडिंग से भी ज्यादा मूल्यवान साबित होती है।