भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। एक दिन पहले तेज करेक्शन के बाद कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाए रखा। इसके चलते बाजार में मजबूत वापसी की उम्मीद कमजोर रही।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 138.04 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 72,633.68 पर खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी 47.80 अंक की गिरावट के साथ 22,732.45 पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 72,771.72 और निफ्टी 50 22,780.25 पर बंद हुआ था।
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 11.37 अंक बढ़ा, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 9.01 अंक यानी 0.10 प्रतिशत गिरकर 8,990.35 पर आ गया। एनएसई पर शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख कमजोर रहा। 1,637 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 807 शेयर बढ़त में रहे और 133 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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गिफ्ट निफ्टी ने भी दिए कमजोर संकेत
निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक गिफ्ट निफ्टी ने भी कमजोर शुरुआत का संकेत दिया था। यह 23.5 अंक गिरकर 22,801 पर खुला, जबकि पिछला बंद स्तर 22,824.50 था। 28 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 5,353.22 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,189.02 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी शोध विश्लेषक हितेश टेलर ने कहा कि हालिया तेज गिरावट के बाद बाजार पर दबाव बना रह सकता है। उनके अनुसार, निफ्टी और बैंक निफ्टी महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के करीब हैं और एफआईआई की बिकवाली सेंटीमेंट पर असर डाल रही है।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में यील्ड बढ़ने से एशियाई शेयरों पर दबाव रहा। जापान का निक्केई 225 0.99 प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.72 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.42 प्रतिशत नीचे रहा। हालांकि, शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स 0.88 प्रतिशत बढ़ा।
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