बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी बीपीएससी-टीआरई-4 को समय पर कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तेज हो गया है। मंगलवार को पटना के गर्दनीबाग इलाके में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शोधार्थियों ने सरकार से परीक्षा का नोटिफिकेशन 24 घंटे के भीतर जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा और उनके इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
प्रदर्शनकारी केवल शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर ही नहीं, बल्कि सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के नए नियम, बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं और बिहार कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों में पारदर्शिता समेत कई मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार को बीपीएससी-टीआरई-4 का नोटिफिकेशन 24 घंटे में जारी करना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने तीन दिनों के भीतर मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की भी चेतावनी दी। प्रदर्शनकारी कुमुद पटेल पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
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छात्र नेता कुंदन सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार से बातचीत की, लेकिन छात्रों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार को दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड में हुए छात्र आंदोलनों से सबक लेना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों की मांगों में बीपीएससी-टीआरई-4 में एकल स्तरीय परीक्षा, कथित भ्रष्टाचार से नौकरी पाने वालों पर कार्रवाई, बीएसएससी भर्ती में पारदर्शिता और परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।
इस बीच झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन भी चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद तीन प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
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