बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीरीज I लॉन्ग-टर्म ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करके 10,000 करोड़ रुपए जुटाए। इस कदम के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा भारत का पहला बैंक बन गया है जिसने घरेलू ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी किया है।
बैंक के अनुसार, इस इश्यू में निवेशकों की मजबूत रुचि देखी गई और कुल 16,415 करोड़ रुपए के बिड प्राप्त हुए, जो कि आधारभूत इश्यू साइज 5,000 करोड़ रुपए का लगभग तीन गुना है। साथ ही इसमें 5,000 करोड़ रुपए का ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल था।
बॉन्ड की कीमत 7.10% कूपन पर तय की गई, जो बैंक की ईएसजी (ESG) आधारित फाइनेंसिंग रणनीति को दर्शाती है और निवेशकों को “ग्रीनियम” का लाभ देती है।
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बैंक ऑफ बड़ौदा के इस कदम का उद्देश्य देश में हरित और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। ग्रीन बॉन्ड के जरिए जुटाए गए धन का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल परियोजनाओं, ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा, जल और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पहलों में किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक ऑफ बड़ौदा का यह कदम अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए भी उदाहरण पेश करेगा और भारत में ग्रीन फाइनेंसिंग के विकास को प्रोत्साहित करेगा। इस तरह के बॉन्ड न केवल पर्यावरणीय लाभ सुनिश्चित करते हैं, बल्कि निवेशकों के लिए स्थिर रिटर्न और सामाजिक प्रभाव भी प्रदान करते हैं।
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