भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) संजय मूर्ति, जो सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस के एशियाई संगठन (ASOSAI) के अध्यक्ष भी हैं, ने 27 अक्टूबर 2026 को वियतनाम के हनोई स्थित नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन "सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस इन अ चेंजिंग वर्ल्ड: विजन, इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क एंड इनोवेशन" में भाग लिया। इस सम्मेलन का आयोजन वियतनाम के स्टेट ऑडिट ऑफिस (SAV) ने किया था, जिसमें विभिन्न देशों के सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस (SAI) के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने लेखापरीक्षा संस्थाओं की बदलती भूमिका, संस्थागत विकास और नवाचार पर चर्चा की।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ASOSAI अध्यक्ष के रूप में संजय मूर्ति ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विश्वसनीय सार्वजनिक ऑडिट सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत स्वतंत्रता, मज़बूत कानूनी अधिदेश और पेशेवर सत्यनिष्ठा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लेखापरीक्षा संस्थाओं को बदलते शासन परिदृश्य के प्रति संवेदनशील रहते हुए उभरते जोखिमों की पहचान करनी चाहिए, ऑडिट पद्धतियों का आधुनिकीकरण करना चाहिए और संस्थागत क्षमताओं को मज़बूत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऑडिट का मूल्य बेहतर शासन, प्रभावी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन और नागरिकों के लिए बेहतर परिणामों में उसके योगदान में निहित है।
प्रस्तुति सत्र के दौरान संजय मूर्ति ने "सार्वजनिक ऑडिट का डिजिटल रूपांतरण: पूर्वापेक्षाएं, व्यवहार और आगे की राह: भारत के SAI का अनुभव" विषय पर मुख्य भाषण दिया। उन्होंने बताया कि भारत ने अपने विस्तारित डिजिटल ढांचे और सरकारी सूचना प्रणालियों का उपयोग सार्वजनिक ऑडिट को मज़बूत करने में किया है। उन्होंने ऑडिट के डिजिटल रूपांतरण के लिए तीन आवश्यक शर्तें बताईं- सरकारी डेटा तक पहुंच के लिए मज़बूत कानूनी अधिदेश, सूचना सुरक्षा और गोपनीयता के समुचित सुरक्षा उपायों के साथ विश्वसनीय डिजिटल साक्ष्य, तथा सार्वजनिक प्राधिकरणों में डेटा के संग्रहण, एकीकरण और विश्लेषण के लिए संस्थागत तंत्र। उन्होंने भारत के SAI द्वारा डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल उपकरणों के उपयोग के अनुभव भी साझा किए।
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प्रस्तुति में इस बात पर बल दिया गया कि तकनीक को पेशेवर विवेक का स्थान लेने के बजाय उसकी पूरक बननी चाहिए। मूर्ति ने ग्रीस, मलेशिया, मिस्र, चीन, सिंगापुर और पाकिस्तान के SAI के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ पैनल चर्चा में भी भाग लिया। सम्मेलन के इतर, उन्होंने वियतनाम, लाओ पीडीआर, कंबोडिया और ग्रीस के SAI प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत के SAI ने डेटा एनालिटिक्स, AI और साइबर सुरक्षा में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी की पेशकश की, जिसमें नौ महीने का ऑनलाइन प्रमाणन कार्यक्रम और छह सप्ताह का आधारभूत कार्यक्रम शामिल है। भारत ने कंबोडिया को डेटा एनालिटिक्स और AI प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की प्रतिनियुक्ति तथा वियतनाम के साथ रेलवे ऑडिट, आईटी ऑडिट और डिजिटल रूपांतरण में विशेषज्ञता साझा करने की इच्छा भी व्यक्त की।
ASOSAI अध्यक्ष के रूप में संजय मूर्ति ने वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष से शिष्टाचार भेंट भी की, जिसमें उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों की ओर से संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि लेखापरीक्षा संस्थाओं का कार्य निर्वाचित सरकारों या लोक प्रशासकों के निर्णय का स्थान लेना नहीं, बल्कि स्वतंत्र, वस्तुनिष्ठ और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध कराना है।
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