बेंगलुरु के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी रॉय चिरियांकंदथ जोसेफ, जिन्हें सीजे रॉय के नाम से जाना जाता था, की शुक्रवार को उस समय मौत हो गई जब उनके परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी चल रही थी। इस घटना के बाद उनके भाई सीजे बाबू ने कहा है कि आयकर अधिकारियों को यह बताना होगा कि ऐसी स्थिति क्यों बनी।
सीजे रॉय के भाई और व्हाइटगोल्ड कंपनी के मालिक सीजे बाबू ने बताया कि उनका भाई आयकर छापेमारी को लेकर काफी चिंतित था। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले सुबह 10:40 बजे अपने भाई से फोन पर लगभग 30 मिनट तक बात की थी। बातचीत के दौरान रॉय ने बताया था कि पिछले तीन दिनों से चल रही आयकर जांच उसे परेशान कर रही है। बाबू ने स्पष्ट किया कि रॉय पर न तो कोई कर्ज था, न ही किसी तरह की धमकी या अन्य निजी समस्या।
सीजे बाबू के अनुसार, रॉय ने उनसे उसी दिन शाम 7 बजे मिलने को कहा था ताकि सभी बातों पर चर्चा की जा सके, लेकिन वह मुलाकात कभी नहीं हो पाई। बाद में एक स्टाफ सदस्य ने रोते हुए उन्हें घटना की सूचना दी।
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उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय केवल आयकर विभाग के अधिकारी मौजूद थे और किसी अन्य एजेंसी की भूमिका नहीं थी। बाबू ने कहा कि वह पहले परिवार से मिलेंगे और उसके बाद ही किसी औपचारिक शिकायत पर फैसला करेंगे।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सीजे रॉय दोपहर में अपने कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उनसे कुछ वित्तीय दस्तावेज लाने को कहा गया। वह कागजात लेने के लिए अपने निजी कक्ष में गए, जिसके कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
बताया गया कि रॉय ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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