कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार की ओर से पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक अदालतों की घोषणा के बावजूद 24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए जाते और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
सीजेपी का कहना है कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन छात्रों की मूल चिंताओं का समाधान नहीं करते। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है। इसी मांग को लेकर पार्टी ने देशभर के छात्रों, युवाओं और समर्थकों से 24 जुलाई को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
इससे पहले केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी प्रतिनिधियों को कई बार बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में वार्ता कर सकते हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया था कि छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा था कि परीक्षा प्रणाली की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इसके बावजूद सीजेपी ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि केवल दोषियों को सजा देने की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। ऐसे में 24 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन को लेकर विभिन्न राज्यों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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