देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के बाज़ारों में लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी अगले तीन वर्षों के दौरान इन दोनों क्षेत्रों में करीब 58,000 करोड़ रुपये मूल्य की लग्जरी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करने की तैयारी में है।
डीएलएफ की गिनती देश की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी रियल एस्टेट कंपनियों में होती है। कंपनी अब तक 185 से अधिक रियल एस्टेट परियोजनाओं का विकास कर चुकी है, जो कुल मिलाकर 352 मिलियन वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल में फैली हुई हैं। इतने बड़े अनुभव और नेटवर्क के साथ कंपनी अब लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट पर खास ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां पिछले कुछ वर्षों में मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र डीएलएफ के लिए पारंपरिक रूप से सबसे मज़बूत बाज़ार रहा है, जहां कंपनी ने गुड़गांव सहित कई इलाकों में बड़ी संख्या में आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाएं विकसित की हैं। वहीं मुंबई में भी कंपनी अपनी उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो देश के सबसे महंगे और प्रतिस्पर्धी रियल एस्टेट बाज़ारों में से एक माना जाता है।
और पढ़ें: गुरुग्राम और नूंह में अब बिजली वितरक चुन सकेंगे उपभोक्ता, HERC ने दी समानांतर लाइसेंस की मंजूरी
लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में हाल के वर्षों में देशभर में तेज़ी देखी गई है, जहां उच्च आय वर्ग के खरीदार प्रीमियम सुविधाओं और बेहतर लोकेशन वाले आवासीय प्रोजेक्ट्स की तलाश में हैं। डीएलएफ की यह योजना इसी बढ़ती मांग को भुनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कंपनी का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों में लग्जरी सेगमेंट में निवेश करने से उसे भविष्य में मज़बूत वित्तीय रिटर्न मिल सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, 58,000 करोड़ रुपये की इतनी बड़ी परियोजना योजना डीएलएफ की बाज़ार में अग्रणी स्थिति को और मज़बूत करेगी। कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र समग्र रूप से रिकवरी के दौर से गुजर रहा है और लग्जरी आवासीय खंड लगातार विकास दर्ज कर रहा है।
डीएलएफ के इस विस्तार से न सिर्फ कंपनी के कारोबार में बढ़ोतरी की उम्मीद है, बल्कि इससे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है। निर्माण क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और आपूर्तिकर्ताओं को भी इन परियोजनाओं से लाभ मिल सकता है। आने वाले महीनों में कंपनी इन परियोजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा कर सकती है, जिसमें स्थान, आकार और लॉन्च की समयसीमा जैसे पहलू शामिल होंगे।
और पढ़ें: सऊदी अरब ने बिना सूचना दिए बांग्लादेशी पति-पत्नी को दी फांसी, मक्का की मस्जिद में अश्लील हरकत का था आरोप