द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) के सांसद तिरुचि शिवा ने सोमवार (9 फरवरी 2026) को राज्यसभा में जानकारी दी कि उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। यह नोटिस उस समय दिया गया जब संसद का सत्र चल रहा था और आरोप लगाया गया कि मंत्री ने भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते की जानकारी संसद को देने से पहले मीडिया में साझा कर दी।
तिरुचि शिवा का कहना है कि संसदीय परंपराओं के अनुसार, जब संसद का सत्र जारी होता है, तब सरकार के किसी भी महत्वपूर्ण फैसले या समझौते की जानकारी पहले संसद को दी जानी चाहिए। उसके बाद ही इसे मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने इस परंपरा का उल्लंघन किया है, जिससे संसद के विशेषाधिकारों का हनन हुआ है।
डीएमके सांसद ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, उद्योगों और व्यापारिक नीतियों पर पड़ता है। ऐसे में संसद को विश्वास में लेना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि संसद सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और उसे नजरअंदाज करना संसदीय प्रणाली की गरिमा के खिलाफ है।
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विशेषाधिकार हनन नोटिस के माध्यम से तिरुचि शिवा ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि क्या मंत्री ने संसदीय नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देशों का पालन जरूरी है।
इस मुद्दे ने संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बहस को तेज कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि संसद की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए, जबकि सरकार की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने का इंतजार है।
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