केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर गंभीर आरोप लगाए। कुमारस्वामी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर बेनामी कंपनियों के माध्यम से एनआईसीई कंपनी पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि एनआईसीई कंपनी से जुड़ा विवाद केवल प्रशासनिक या कानूनी मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े राजनीतिक और कारोबारी हित भी हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस कंपनी को अपने नियंत्रण में लेने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
कुमारस्वामी के बयान के बाद कर्नाटक की राजनीति में एनआईसीई कंपनी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कथित बेनामी कंपनियों और उनके जरिए कंपनी में हिस्सेदारी या नियंत्रण हासिल करने की कोशिश को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
और पढ़ें: कर्नाटक में मोदी-मोदी के नारों को डीके शिवकुमार ने डीके-डीके में बदला, विधानसभा कार्यक्रम का वीडियो चर्चा में
हालांकि, केंद्रीय मंत्री द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार या उनकी ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया का उल्लेख इस खबर में नहीं है।
एनआईसीई से जुड़ा विवाद कर्नाटक में लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज (एनआईसीई) परियोजना राज्य में बुनियादी ढांचे और भूमि से जुड़े मुद्दों के कारण पहले भी राजनीतिक विवादों में रही है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कंपनी से संबंधित मामलों में पारदर्शिता जरूरी है और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किसी निजी या सरकारी संस्था पर नियंत्रण हासिल करने के लिए किसी प्रकार की अप्रत्यक्ष व्यवस्था का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा।
केंद्रीय मंत्री के इस बयान से कांग्रेस सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है। कर्नाटक की राजनीति में दोनों नेताओं के बीच पहले भी कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी होती रही है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं और क्या सरकार एनआईसीई कंपनी से जुड़े विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करती है।
और पढ़ें: कर्नाटक में मंत्रियों को मिला विभाग, रामलिंगा रेड्डी को वन, मुनियप्पा को समाज कल्याण