इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर पूरी तरह नाकाम रही। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को नौ विकेट से करारी शिकस्त दी और पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
इस हार के साथ भारत के सामने सात साल बाद पहली बार लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज गंवाने का खतरा खड़ा हो गया है। इससे पहले भारतीय टीम को लगातार टी20 सीरीज हार का सामना लंबे समय से नहीं करना पड़ा था।
लगातार दो हार के बाद चौथे टी20 में भारतीय टीम को वापसी की उम्मीद थी, लेकिन बल्लेबाजों ने एक बार फिर निराश किया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 80 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, जिसके कारण भारत केवल 158 रन ही बना सका।
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इंग्लैंड के लिए यह लक्ष्य कभी चुनौतीपूर्ण नहीं दिखा। सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और कप्तान हैरी ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और इंग्लैंड ने केवल 37 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। ब्रूक ने नाबाद 79 रन और सॉल्ट ने नाबाद 59 रन बनाकर टीम को आसान जीत दिलाई।
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि 158 रन का स्कोर जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने माना कि गेंदबाज अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर सके।
श्रेयस ने कहा कि टीम ने गेंदबाजों को सही लेंथ पर गेंद डालने की सलाह दी थी, लेकिन मैदान पर इसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि टीम प्रदर्शन को लेकर निराश है।
अब भारतीय टीम को पांचवें टी20 मुकाबले में बदलाव पर विचार करना होगा। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव उनके लिए चुनौती साबित हुआ है। टीम प्रबंधन संजू सैमसन को अंतिम मुकाबले में मौका देने पर भी चर्चा कर सकता है।
भारत के लिए अब आखिरी मैच सम्मान बचाने और सीरीज का अंत जीत के साथ करने का मौका होगा।
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