प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में बने चिप अब ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं और देश सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है।
पीएम मोदी ने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का बजट पहले चरण के 8 अरब डॉलर से बढ़ाकर 13.5 अरब डॉलर कर दिया गया है। अब तक 12 चिप निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है और अगले चरण में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दुनिया को चिप निर्माण के लिए नए और भरोसेमंद स्थानों की जरूरत है और भारत इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने पिछले 15 दिनों में देश में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम तकनीक के जरिए समावेशी वित्त पर चर्चा हुई। इसी अवधि में भारत में करीब 3,000 किलोमीटर के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह चालू हुए हैं। इससे देश में माल की आवाजाही, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग को गति मिलने की उम्मीद है।
और पढ़ें: पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ से की मुलाकात, उभरती तकनीकों में अग्रणी बनने का लक्ष्य
भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है
पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारत ने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर्ज की। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है। जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने करीब तीन दशकों बाद भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार किया है।
उन्होंने हाल में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया और कहा कि नई दिल्ली घोषणा पर सभी देशों की सहमति भारत के प्रति बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाती है।
सेमीकॉन इंडिया 2026 की थीम
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ है। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन को एक मंच पर लाना है। इसमें कंपनियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और 650 से अधिक शिक्षण संस्थानों के हजारों छात्र वर्चुअली शामिल हुए।
और पढ़ें: पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ के साथ की बैठक, स्थिर नीतिगत माहौल का भरोसा दिया