लगातार तीसरे महीने विनिर्माण में 8 फीसदी से अधिक वृद्धि
देश के औद्योगिक क्षेत्र ने अगस्त 2026 में मजबूत प्रदर्शन किया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की ओर से सोमवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के त्वरित अनुमानों के अनुसार, अगस्त में औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ा। जुलाई में आईआईपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत रही थी। इस तरह अगस्त में औद्योगिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ी है।
अगस्त में आईआईपी का समग्र सूचकांक बढ़कर 123.3 हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 114.2 था। विनिर्माण क्षेत्र में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बिजली एवं गैस आपूर्ति में 12.3 प्रतिशत और जलापूर्ति, सीवरेज तथा अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत वृद्धि हुई। हालांकि, खनन एवं उत्खनन क्षेत्र 5.6 प्रतिशत सिकुड़ गया।
विनिर्माण क्षेत्र ने लगातार तीसरे महीने 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज की है, जो औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत है।
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इलेक्ट्रिकल उपकरण और ऑटो उद्योग ने बढ़ाया उत्पादन
राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण-2025 के तहत विनिर्माण क्षेत्र की 23 प्रमुख औद्योगिक श्रेणियों में से 18 ने अगस्त में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इलेक्ट्रिकल उपकरणों का उत्पादन 30.9 प्रतिशत बढ़ा। अन्य परिवहन उपकरणों में 25.3 प्रतिशत और मोटर वाहन, ट्रेलर तथा सेमी-ट्रेलर के विनिर्माण में 25.2 प्रतिशत वृद्धि हुई।
मोटर वाहन क्षेत्र में ऑटो कंपोनेंट्स, स्पेयर पार्ट्स एवं सहायक उपकरण, यात्री कारों और वाणिज्यिक वाहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इलेक्ट्रिकल उपकरणों में स्विचगियर, सर्किट ब्रेकर, स्विच, नियंत्रण एवं मीटर पैनल, ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टर, यूपीएस और सॉलिड-स्टेट ड्राइव जैसे उत्पादों ने वृद्धि को सहारा दिया।
अन्य प्रमुख क्षेत्रों में कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑप्टिकल उत्पाद 19.3 प्रतिशत, रबर एवं प्लास्टिक उत्पाद 21.4 प्रतिशत, निर्मित धातु उत्पाद 16.9 प्रतिशत और मशीनरी एवं उपकरण 10.3 प्रतिशत बढ़े। गैर-धात्विक खनिज उत्पादों में 11.4 प्रतिशत, कपड़ा क्षेत्र में 13.1 प्रतिशत और पेय पदार्थों में 18.3 प्रतिशत वृद्धि रही।
हालांकि तंबाकू उत्पादों का उत्पादन 8 प्रतिशत और परिधान का उत्पादन 7.4 प्रतिशत घटा। रसायन एवं रासायनिक उत्पादों में 0.5 प्रतिशत तथा फार्मास्यूटिकल्स एवं औषधीय उत्पादों में 1.6 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई।
खनन क्षेत्र में गिरावट जारी
अगस्त में खनन एवं उत्खनन क्षेत्र का सूचकांक 90.8 से घटकर 85.7 रह गया। ईंधन खनिजों में 5.7 प्रतिशत और गैर-धात्विक खनिजों में 12.8 प्रतिशत गिरावट आई। दूसरी ओर, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों सहित धात्विक खनिजों में 5 प्रतिशत वृद्धि हुई।
अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान खनन उत्पादन सालाना आधार पर 2 प्रतिशत घटा।
बिजली उत्पादन में 13.3 फीसदी उछाल
बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र में 12.3 प्रतिशत वृद्धि हुई। बिजली उत्पादन 13.3 प्रतिशत बढ़ा। नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन 15.4 प्रतिशत और गैर-नवीकरणीय स्रोतों से 12.3 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि गैस आपूर्ति 2.4 प्रतिशत घट गई।
जलापूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत वृद्धि हुई। जलापूर्ति 4.5 प्रतिशत और सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन 8.8 प्रतिशत बढ़ा।
पूंजीगत वस्तुओं की मांग में मजबूती
उपयोग आधारित वर्गीकरण में अगस्त के दौरान पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन सबसे अधिक 16.9 प्रतिशत बढ़ा। मध्यवर्ती वस्तुओं में 13.7 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 11.1 प्रतिशत वृद्धि हुई। बुनियादी ढांचा एवं निर्माण वस्तुओं में 6.4 प्रतिशत, प्राथमिक वस्तुओं में 3.5 प्रतिशत और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में 2.1 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान आईआईपी में कुल 6.7 प्रतिशत वृद्धि हुई। इस अवधि में विनिर्माण 7.4 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति 9.5 प्रतिशत बढ़ी, जबकि खनन में 2 प्रतिशत गिरावट रही।
एमओएसपीआई के मुताबिक, अगस्त के त्वरित अनुमान 88 प्रतिशत भारित प्रतिक्रिया दर के आधार पर तैयार किए गए हैं। जुलाई के आंकड़ों में उत्पादन संबंधी अद्यतन आंकड़ों के आधार पर अंतिम संशोधन किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि अगस्त के आंकड़ों में आगे भी निर्धारित संशोधन नीति के अनुसार बदलाव संभव है। सितंबर 2026 के आईआईपी आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 को जारी किए जाएंगे।
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