वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत, व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी सीईपीए की समीक्षा के दौरान जापान में बासमती चावल के लिए अधिक बाजार पहुंच की संभावनाएं तलाशेगा। इसके साथ ही भारत प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
ओसाका में आयोजित निवेशक एवं कारोबारी रोडशो को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने जापान को बासमती चावल के निर्यात में वृद्धि को लेकर उद्योग जगत की चिंताओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जापान में चावल एक संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए भारत जापानी सरकार के साथ सीईपीए की समीक्षा के दौरान खाद्य क्षेत्र में अधिक सहयोग और बाजार पहुंच के अवसरों पर चर्चा करेगा।
मंत्री ने कहा कि भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यातकों के लिए जापान में उल्लेखनीय संभावनाएं मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जापानी बाजार में सफलतापूर्वक प्रवेश के लिए भारतीय कंपनियों को वहां के कड़े गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा।
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पीयूष गोयल ने भारत की मजबूत आर्थिक विकास यात्रा, निवेश आधारित सुधारों और जापानी कंपनियों के लिए तेजी से बढ़ते कारोबारी अवसरों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने वाली साझेदारियां विकसित करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने जापान की अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान टोक्यो और नागोया में कई उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में उन्होंने निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ भारत में व्यापार और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
भारत अब सीईपीए की समीक्षा को दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई गति देने के अवसर के रूप में देख रहा है। बासमती चावल और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की अधिक बाजार पहुंच से भारतीय निर्यातकों को जापानी बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
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