ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने तथा आक्रामकता को बढ़ावा देने का दोषी ठहराया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उनके सैन्य कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत कानूनी थे और यूएई को अपनी भूमिका के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
बैठक के दूसरे सत्र में, ईरान के उप विदेश मंत्री कज़ेम घरीबाबादी ने यूएई के आरोपों का खंडन किया कि ईरान ने अमीरात पर हमला किया। उन्होंने कहा कि "यूएई ने ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण को समर्थन और सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसीलिए यूएई सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि आक्रामक है।"
घरीबाबादी ने कहा कि ईरान अपनी जनता और बुनियादी ढांचे पर हमला सहन नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 120 से अधिक कूटनीतिक नोट भेजे हैं, जिनमें 500 से अधिक पृष्ठ शामिल हैं। ईरान ने यह भी कहा कि यूएई के क्षेत्र से हर युद्ध विमान की उड़ान और समय रिकॉर्ड की गई है।
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ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिक्स देशों से अमेरिका के दबाव के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और इसे “इतिहास की धूल में फेंकने” की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कई देशों ने इसी प्रकार की धमकियों का सामना किया है और ब्रिक्स को मिलकर मजबूत प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
ईरान ने यूएई को 130,000 नागरिक लक्ष्यों पर हमलों और 4,000 से अधिक नागरिकों की हत्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस बयान के माध्यम से ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूएई की जवाबदेही तय करने की जोरदार मांग की है।
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