महाराष्ट्र में गुरुवार को वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के आह्वान पर राज्यव्यापी बंद आयोजित किया गया है। वीबीए प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने यह बंद दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन के समर्थन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया है।
बंद की शुरुआत सुबह 9 बजे के बाद हुई। प्रकाश आंबेडकर ने विपक्षी दलों, छात्र संगठनों, श्रमिक यूनियनों और आम नागरिकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। वीबीए का आरोप है कि दिल्ली में छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके विरोध में महाराष्ट्र बंद का आयोजन किया गया है।
प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया कि बंद से पहले वीबीए के लगभग 3,500 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कथित नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि वीबीए नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
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आंबेडकर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एक वर्ग टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा करने से राज्य सरकार को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रकाश आंबेडकर वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं। वे भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोते हैं। वह दो बार लोकसभा सांसद और एक बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
वीबीए का प्रभाव मुंबई के चेंबूर, घाटकोपर और धारावी जैसे इलाकों में अधिक माना जाता है। इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर, अकोला और नागपुर के कुछ क्षेत्रों में भी बंद का असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने इस बंद को लेकर कोई आधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की है। इसलिए स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी कार्यालय और निजी संस्थान बंद रखने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं जैसे मुंबई लोकल ट्रेन, मेट्रो, बस और हवाई सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होने की उम्मीद है।
जरूरी सेवाएं खुली रहेंगी। वहीं, जिन इलाकों में बंद को समर्थन मिलेगा, वहां कुछ दुकानें और बाजार स्वेच्छा से बंद रह सकते हैं। विपक्षी दलों ने बंद को मौखिक समर्थन दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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