मेघालय हाईकोर्ट ने पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में 5 फरवरी को हुई अवैध कोयला खदान विस्फोट की घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए जिले के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। इस विस्फोट में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद राज्य में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था और उनसे अब तक की कार्रवाई का विवरण मांगा। सोमवार को सुनवाई के दौरान एसपी विकास कुमार ने अदालत को बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती, लेकिन कानून के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद से खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। रविवार और सोमवार को कोई नया शव बरामद नहीं हुआ, लेकिन जांच और राहत कार्य एक साथ चल रहे हैं। एसपी ने यह भी पुष्टि की कि इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
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घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अन्य विशेष बचाव दल तैनात हैं। इलाके की भौगोलिक स्थिति और मौसम को देखते हुए आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने अवैध खदान के दो मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
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