ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य भारतीय समुदाय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को ऐतिहासिक ऊंचाई पर बताया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत के लिए अल्बनीज़ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका ऑस्ट्रेलिया का तीसरा दौरा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते रिश्तों का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भारतीय प्रवासी समुदाय की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आज मेलबर्न के कई इलाके 'मिनी इंडिया' के नाम से पहचाने जाते हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पहले वह सिडनी में भारतीयों से दो बार मिल चुके हैं और इस बार मेलबर्न के लोगों के साथ 'फ्लैट व्हाइट कॉफी' पीने की इच्छा लेकर आए हैं।
उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भारत की ऐतिहासिक सफलता, देश के अपने अंतरिक्ष स्टेशन की योजना, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े 5जी बाजार और 'मेक इन इंडिया' के तहत 6जी तकनीक पर हो रहे कार्य का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने वंदे भारत और नमो भारत रेल सेवाओं का जिक्र करते हुए देश के तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे की सराहना की।
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प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान स्थित आतंकियों के लॉन्च पैड को नष्ट कर पूरी दुनिया को भारत की क्षमता दिखाई। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रतिबद्ध है। "एक लक्ष्य पूरा होते ही उससे बड़ा संकल्प सामने आता है। यही नया भारत है, जो 'और आगे बढ़ो, और बड़ी उपलब्धियां हासिल करो' के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।"
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत हमेशा सबसे पहले सहायता पहुंचाने वाले देशों में शामिल रहता है। उन्होंने हाल ही में भूकंप प्रभावित वेनेज़ुएला की सहायता और कोविड-19 महामारी के दौरान 100 से अधिक देशों को वैक्सीन एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया खेलों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे। भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भी दावेदार है।
कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भी भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच "जीवंत सेतु" बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी उत्साह, विश्वास और साझा भविष्य की मजबूत नींव पर आधारित है।
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