राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का आवासीय रियल एस्टेट बाजार तेजी से बदल रहा है और अब विकास का केंद्र पारंपरिक इलाकों से आगे बढ़कर नोएडा और गाजियाबाद के पूर्वी कॉरिडोर की ओर शिफ्ट हो रहा है। नोएडा एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम एक्सटेंशन और वेव सिटी जैसे क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे बड़े पैमाने पर हो रहा बुनियादी ढांचा विकास और बेहतर कनेक्टिविटी प्रमुख कारण हैं। चौड़ी सड़कें, मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और एकीकृत टाउनशिप परियोजनाएं इन क्षेत्रों को घर खरीदारों और निवेशकों के लिए आकर्षक बना रही हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), एक्वा लाइन विस्तार और एनएच-24 की बेहतर कनेक्टिविटी ने नोएडा और गाजियाबाद की पहुंच को काफी मजबूत किया है। इससे आसपास के आवासीय क्लस्टरों का विकास भी तेज हुआ है।
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प्रतीक ग्रुप के प्रबंध निदेशक के अनुसार, नोएडा एक्सप्रेसवे पर प्रीमियम और बेहतर जीवनशैली वाले घरों की मांग लगातार बनी हुई है। वहीं गाजियाबाद का सिद्धार्थ विहार अपने रणनीतिक स्थान और उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2025 में एनसीआर की नई आवासीय परियोजनाओं में गाजियाबाद की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत रही, जबकि कुल बिक्री में इसकी भागीदारी करीब 16 प्रतिशत रही। वेव सिटी, राज नगर एक्सटेंशन, सिद्धार्थ विहार और एनएच-24 कॉरिडोर जैसे क्षेत्र निवेशकों और घर खरीदारों दोनों को आकर्षित कर रहे हैं।
इसके अलावा, लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पिछले पांच वर्षों में एनसीआर में संपत्ति की कीमतों में 80 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे और योजनाबद्ध शहरी विकास के चलते नोएडा और गाजियाबाद भविष्य में एनसीआर के प्रमुख आवासीय केंद्र बन सकते हैं।
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