नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के शेयरों ने गुरुवार को बीएसई पर कारोबार की शुरुआत की। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले 0.84 प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए। हालांकि, बाजार में एनएसई की लिस्टिंग को मजबूत शुरुआत के बजाय अपेक्षाकृत फीका डेब्यू माना गया।
एनएसई का 22,569 करोड़ रुपये का आईपीओ देश के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल है। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, यह हुंडई मोटर इंडिया के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम है। आईपीओ के अंतिम दिन सोमवार को इसे निवेशकों की ओर से लगभग छह गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एनएसई के आईपीओ में 8.86 करोड़ शेयरों की पेशकश की गई थी। इसके मुकाबले निवेशकों ने 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। इस तरह इश्यू को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
और पढ़ें: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 555 अंक टूटा, निफ्टी 23,200 के करीब
क्यूआईबी श्रेणी में सबसे ज्यादा मांग
आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों यानी क्यूआईबी श्रेणी को सबसे ज्यादा मांग मिली। इस श्रेणी में इश्यू 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई श्रेणी में 6.55 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।
खुदरा निवेशकों की श्रेणी में आईपीओ को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशकों की ओर से एनएसई के शेयरों को लेकर अपेक्षाकृत मजबूत रुचि दिखाई गई, जबकि खुदरा हिस्से में मांग सीमित रही।
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम के संकेतों से शेयरों के सकारात्मक लेकिन सीमित बढ़त के साथ बाजार में उतरने की उम्मीद जताई जा रही थी। वास्तविक लिस्टिंग में भी शेयर इश्यू प्राइस से मामूली प्रीमियम पर खुले।
एनएसई की लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर इसलिए भी थी क्योंकि यह देश के प्रमुख शेयर बाजारों में से एक है। आईपीओ के जरिए जुटाई गई रकम और लिस्टिंग के बाद शेयर में होने वाली गतिविधि पर बाजार प्रतिभागियों की नजर बनी हुई है।
और पढ़ें: SS रिटेल और जिंदल सुप्रीम की शानदार लिस्टिंग, हीरो मोटर्स 2% डिस्काउंट पर