फिनटेक कंपनी रेजरपे ने मंगलवार को एआई आधारित भुगतान फाउंडेशन मॉडल ‘रेजरपे वल्कन’ लॉन्च करने की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, यह मॉडल भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में ऑनलाइन लेनदेन को अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और पूर्वानुमान योग्य बनाने के लिए तैयार किया गया है।
रेजरपे ने इसे भारत का पहला ट्रांसफॉर्मर आधारित एआई फाउंडेशन मॉडल बताया है, जिसे विशेष रूप से भुगतान क्षेत्र के लिए विकसित किया गया है। इसे एनवीडिया और अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) की तकनीक के सहयोग से तैयार किया गया है।
कंपनी के मुताबिक, वल्कन का उद्देश्य भुगतान विफलता, धोखाधड़ी, लेनदेन के लिए उपयुक्त मार्ग चुनने और चेकआउट से जुड़ी परेशानियों को कम करना है। इसके विकास से पहले 15 लाख खरीदारों और 51 हजार से अधिक कारोबारियों पर आंतरिक अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और बाजारों में भी ग्राहकों को भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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रेजरपे ने बताया कि मॉडल के शुरुआती हिस्सों को उसके भुगतान नेटवर्क के करीब 3 ट्रिलियन डेटा पॉइंट्स पर इस्तेमाल कर वास्तविक लेनदेन में रूटिंग, धोखाधड़ी और जोखिम संबंधी फैसलों का परीक्षण किया गया।
कंपनी के अनुसार, इस तकनीक से भुगतान सफलता दर में 10 प्रतिशत तक सुधार हुआ है और अंतरराष्ट्रीय कार्ड धोखाधड़ी के आठ गुना अधिक मामलों का पता लगाकर उन्हें रोका गया। इसके अलावा, बिना अलर्ट की संख्या बढ़ाए पांच गुना अधिक संदिग्ध या विवादित लेनदेन की पहचान की गई।
रेजरपे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक हर्षिल माथुर ने कहा कि इसका लक्ष्य डिजिटल भुगतान को उन उपभोक्ताओं के लिए अधिक भरोसेमंद बनाना है, जो अभी भी नकद भुगतान को प्राथमिकता देते हैं।
कंपनी के अनुसार, भविष्य में वल्कन का इस्तेमाल प्रमाणीकरण, भुगतान रूटिंग, धोखाधड़ी पहचान और ऋण संबंधी फैसलों में भी किया जाएगा।
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