भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार नेटवर्क और सेवा वितरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार प्रयोग और उसके क्रियान्वयन को नियंत्रित करने के लिए मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस मसौदे पर उद्योग जगत से प्रतिक्रिया और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
यह पहल इस वर्ष की शुरुआत में स्थापित राष्ट्रीय शासन ढांचे के अनुरूप है। संचार मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने फरवरी 2026 में भारत एआई गवर्नेंस दिशानिर्देश (India AI Governance Guidelines) जारी किए थे, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में एआई का लाभ उठाते हुए उससे जुड़े सामाजिक जोखिमों को कम किया जा सके।
मंत्रालय के अनुसार, व्यापक राष्ट्रीय शासन ढांचा कुछ निश्चित मूल सिद्धांतों पर कार्य करता है। मंत्रालय ने कहा, "ये दिशानिर्देश सात मार्गदर्शक सूत्रों या सिद्धांतों पर आधारित हैं — विश्वास ही आधार है, लोग पहले, संयम से अधिक नवाचार, निष्पक्षता और समानता, जवाबदेही, डिजाइन द्वारा समझने योग्य, और सुरक्षा, लचीलापन एवं स्थिरता।" मंत्रालय ने आगे कहा, "दिशानिर्देशों का भाग 4, उद्योग जगत के पक्षकारों और नियामकों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र में स्पष्टता, पूर्वानुमेयता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।"
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क्षेत्र-विशिष्ट उपायों के पीछे की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने राष्ट्रीय कार्यों को बनाए रखने में दूरसंचार प्रणालियों की अहम भूमिका को रेखांकित किया। मंत्रालय ने कहा, "दूरसंचार क्षेत्र भारत के डिजिटल ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज दूरसंचार क्षेत्र जनता के लिए संपर्क, सार्वजनिक और आवश्यक ई-सेवाओं की डिलीवरी, व्यापार और वाणिज्य के संचालन, तथा देश के महत्वपूर्ण सूचना ढांचे के सुरक्षित और लचीले कामकाज को समर्थन देता है।" मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र के सुरक्षा और आर्थिक आयाम "सामाजिक, आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए ही नहीं बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।"
जैसे-जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियां मुख्य नेटवर्क संरचनाओं और नियमित ग्राहक-सेवा कार्यों में व्यापक रूप से अपनाई जा रही हैं, नियामक ने तैनाती मानकों को मानकीकृत करने की आवश्यकता बताई। मंत्रालय ने कहा, "वर्तमान में, एआई को दूरसंचार नेटवर्क और दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान में तेजी से एकीकृत किया जा रहा है।" इसके साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया, "दूरसंचार क्षेत्र में भारत एआई गवर्नेंस दिशानिर्देशों के सुसंगत और जिम्मेदार क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने तथा पारिस्थितिकी तंत्र में स्पष्टता, पूर्वानुमेयता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से, ट्राई ने हितधारकों के परामर्श के बाद दूरसंचार नेटवर्क और दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान में एआई के जिम्मेदार उपयोग पर दिशानिर्देश तैयार करने का निर्णय लिया है।"
प्रस्तावित मानदंडों का पूरा मसौदा नियामक के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। हितधारकों और उद्योग प्रतिभागियों को परामर्श पत्र पर अपनी लिखित टिप्पणियां और विचार 27 नवंबर, 2026 तक प्रस्तुत करने होंगे।
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