अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) को हटाने का रास्ता खुल सकता है, क्योंकि भारतीय रिफाइनरियों द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद में तेज गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने यह बयान शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान दिए गए एक साक्षात्कार में दिया।
अगस्त 2025 में अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव उस समय बढ़ गया था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया था। इसमें भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल के आयात के जवाब में लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल था।
स्कॉट बेसेंट ने कहा, “भारतीय रिफाइनरियों द्वारा रूसी तेल की खरीद लगभग खत्म हो चुकी है। इसे हम एक सफलता मानते हैं। फिलहाल रूसी तेल से जुड़े 25 प्रतिशत टैरिफ लागू हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इन्हें हटाने का एक रास्ता निकाला जा सकता है।” उन्होंने यह टिप्पणी पॉलिटिको को दिए गए इंटरव्यू में की।
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एक रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का रूसी तेल आयात पिछले दो वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके चलते भारत के कुल तेल आयात में ओपेक देशों की हिस्सेदारी 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
बेसेंट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर लगातार दबाव बना रहे हैं। इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि भारत रूसी तेल की खरीद में कटौती नहीं करता है, तो टैरिफ और बढ़ाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत का रूसी तेल आयात इसी तरह कम बना रहता है, तो अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में नरमी आ सकती है और टैरिफ राहत की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
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