देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मंजूरी मिल गई है। यह ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलेगी और रास्ते में प्रयागराज तथा कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इससे पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश और औद्योगिक शहर कानपुर के यात्रियों को दिल्ली और वाराणसी के बीच तेज और आरामदायक रेल यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।
प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से रात 8:40 बजे रवाना होगी। इसके रात 10:05 बजे प्रयागराज और करीब 11:50 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचने की संभावना है। ट्रेन सुबह लगभग 4:50 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस तरह वाराणसी से दिल्ली की यात्रा करीब 8 घंटे 10 मिनट में पूरी होने की उम्मीद है।
वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 11:25 बजे रवाना हो सकती है। इसके सुबह करीब 3:30 बजे कानपुर और 5:38 बजे प्रयागराज पहुंचने का प्रस्ताव है। इसके बाद ट्रेन लगभग 7:35 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। हालांकि, रेलवे ने अभी इन समयों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। संचालन की अंतिम तारीख और समय प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद तय होने की उम्मीद है।
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प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच होंगे और करीब 823 बर्थ उपलब्ध होंगी। इसमें 11 थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। शुरुआत में ट्रेन की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जिसे बाद में 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने की योजना है। ट्रेन का रैक परीक्षण के लिए तैयार बताया जा रहा है।
इस बीच, सरकारी कंपनी बीएचईएल ने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 35 वर्षों तक व्यापक रखरखाव के लिए संयुक्त उद्यम बनाने का समझौता किया है। इसमें दोनों कंपनियों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। संयुक्त उद्यम का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा।
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