केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए देश, युवा और छात्र किसी भी राजनीतिक पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भाजपा की उस विचारधारा का उदाहरण है, जिसमें राष्ट्रहित और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
धर्मेंद्र प्रधान ने नीट 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक विवाद को लेकर कई सप्ताह से जारी छात्र आंदोलनों और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस मुद्दे को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
अमित शाह ने कहा, "भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए देश, हमारे युवा और छात्र किसी भी पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफा इसी सिद्धांत का प्रत्यक्ष उदाहरण है।"
और पढ़ें: अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।
इस बीच सीजेपी ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी। संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार ने उसकी तीन प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा तथा दिल्ली और अन्य राज्यों में आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन शामिल है।
अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं का विस्तार, पीएम श्री स्कूलों को मजबूत करने, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे कई महत्वपूर्ण सुधार हुए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
और पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने नई एसआईटी गठित की