अतीक अहमद गैंग के कथित शूटर और उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद अरमान के गया सेंट्रल जेल में बंद होने का पता चला है। उत्तर प्रदेश पुलिस पिछले करीब तीन वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी। अरमान पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। अब उसे उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अरमान मूल रूप से गया के कठोकर तालाब इलाके का रहने वाला बताया जाता है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह प्रयागराज से गया लौट आया था। यहां एक फायरिंग मामले में नाम सामने आने के बाद उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वह 27 फरवरी 2023 से जेल में बंद बताया जा रहा है।
अरमान के गया जेल में होने की जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस टीम 30 सितंबर को गया पहुंची। पुलिस ने जेल रिकॉर्ड की जांच कर उसकी पहचान की। इसके बाद उसकी नई तस्वीर और अंगूठे के निशान भी लिए गए। पुलिस अब उसे उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए प्रयागराज ले जाना चाहती है।
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24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में वकील उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान अरमान का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, घटना के समय वह एक बाइक पर मौजूद था, जबकि उसके साथ कथित तौर पर गुड्डू मुस्लिम भी था। इन आरोपों की जांच मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
प्रयागराज पुलिस ने एक अक्टूबर को गया सिविल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन दिया है। अदालत में इस पर सुनवाई जारी है।
वहीं, अरमान के माता-पिता शमीम और असगरी खातून ने उसे निर्दोष बताया है। उसके अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश ले जाने पर उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और दावा किया है कि उसे मामले में फंसाया जा रहा है। फिलहाल अदालत के आदेश का इंतजार है।
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