बांग्लादेश में मीजल्स के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जिसमें 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग संक्रमित हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रकोप भारत के लिए एक चेतावनी है, जिससे यह जरूरी हो जाता है कि भारत मीजल्स के खिलाफ अपनी उच्च टीकाकरण कवरेज बनाए रखे, लक्षणों को जल्दी पहचाने, और संभावित बढ़ते मामलों से निपटने के लिए तैयार रहे।
बांग्लादेश में मीजल्स के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें अब तक 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। मार्च 2026 से अब तक 7,500 से अधिक संदिग्ध मीजल्स के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 900 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है।
मीजल्स तेजी से क्यों फैलता है?
इन्फेक्शियस डिजीज विशेषज्ञ डॉ. जे. कर्तीना के अनुसार, मीजल्स एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है। बिना टीका लगाए लोग, अगर इसे किसी संक्रमित व्यक्ति से संपर्क करते हैं, तो 90% संभावना है कि वे संक्रमित हो जाएंगे।
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लक्षण जो बच्चों में दिखाई देते हैं
- बुखार
- खांसी
- नाक से पानी बहना
- आंखों में सूजन और लाली
कुछ दिन बाद, शरीर पर चकत्ते विकसित होते हैं, जो सिर से पैर तक फैलते हैं।
मीजल्स क्यों अधिक खतरनाक है?
डॉ. कर्तीना के अनुसार, जबकि बहुत से बच्चे ठीक हो जाते हैं, मीजल्स कई जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे दस्त, कान का संक्रमण और बैक्टीरियल निमोनिया, जो मीजल्स से मौत का सबसे सामान्य कारण है।
भारत के लिए क्या मतलब है?
भारत में मीजल्स के खिलाफ टीकाकरण कवरेज 90% से अधिक है, लेकिन मीजल्स को समाप्त करने के लिए 95% जनसंख्या को टीका लगाना आवश्यक है। अगर टीकाकरण में कोई कमी हो, तो यह संक्रमण फैल सकता है।
टीकाकरण की भूमिका
टीकाकरण मीजल्स से बचाव के लिए सबसे प्रभावी तरीका है। मीजल्स-Containing वैक्सीन (MMR) के दो डोज़ से मजबूत और स्थायी इम्यूनिटी मिलती है।
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