नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू की सीबीआई अदालत ने शनिवार को कथित 3 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने यह राहत उन्हें 54 दिनों की न्यायिक हिरासत में रहने के बाद प्रदान की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष बचाव पक्ष और जांच एजेंसी, दोनों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। इसके बाद अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए प्रदीप सिंह की नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि अदालत ने जमानत देते समय कुछ शर्तें भी निर्धारित कीं, जिनका पालन करना आरोपी के लिए अनिवार्य होगा।
प्रदीप सिंह को कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। जांच एजेंसी का आरोप है कि रिश्वत से जुड़े लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई।
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वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी जांच में सहयोग कर रहे हैं और अब उन्हें लगातार हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नियमित जमानत देने का फैसला सुनाया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और सीबीआई कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि मामले का अंतिम फैसला हो गया है। मुकदमे की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे भी जारी रहेगी और आरोपों की सत्यता का निर्णय साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर किया जाएगा।
यह मामला कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जुड़े चर्चित मामलों में शामिल है, जिस पर जांच एजेंसी की नजर बनी हुई है। आगामी सुनवाई में मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर भी अदालत विचार करेगी।
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