चंडीगढ़ के एक निवासी के लिए व्हाट्सऐप पर मिला एक साधारण सा “क्रेडिट कार्ड अपग्रेड” का ऑफर भारी नुकसान का कारण बन गया। साइबर ठगों ने खुद को एक प्रतिष्ठित विदेशी क्रेडिट कार्ड कंपनी का अधिकारी बताकर पीड़ित से ₹1.73 लाख की ठगी कर ली। इस मामले में चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने 26 दिसंबर को दिल्ली से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए पीड़ित से संपर्क किया और उसके क्रेडिट कार्ड को “अपग्रेड” करने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने पेशेवर भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताया। इसके बाद पीड़ित से ओटीपी, कार्ड विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारियां हासिल कर ली गईं, जिनका इस्तेमाल कर अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से ₹1.73 लाख निकाल लिए गए।
चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम विभाग ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान ठगी में शामिल तीन महिलाओं की पहचान कर उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
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चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी (साइबर क्राइम) ए. वेंकटेश ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से आपत्तिजनक और अपराध में प्रयुक्त सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। इसमें 28 मोबाइल फोन, 82 सिम कार्ड, 55 एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, आठ डोंगल, 27 लैंडलाइन फोन, वायरलेस ट्रांसमीटर, पासबुक, चेकबुक, नोटबुक और अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
पुलिस का मानना है कि आरोपी एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का हिस्सा हैं, जो फर्जी सिम कार्ड, बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को निशाना बनाता था।
चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे व्हाट्सऐप या फोन पर मिलने वाले किसी भी “अपग्रेड”, इनाम या बैंक संबंधी ऑफर पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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