कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित सत्ता संघर्ष को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस ने साफ किया है कि नेतृत्व परिवर्तन पर कोई चर्चा नहीं हुई है। दिल्ली में कांग्रेस की एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पार्टी ने इन खबरों को खारिज कर दिया।
इस बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए। बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विचार-विमर्श हुआ है।
हालांकि, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बैठक में केवल आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक विधान परिषद चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। बैठक पूरी तरह चुनावी रणनीति पर केंद्रित थी।”
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दरअसल, 2023 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही यह चर्चा चलती रही है कि पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई ‘रोटेशन फॉर्मूला’ तय हुआ था। डीके शिवकुमार समर्थकों का दावा रहा है कि कुछ समय बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने कभी सार्वजनिक रूप से इस तरह की किसी व्यवस्था की पुष्टि नहीं की।
दिल्ली में हुई इस अहम बैठक के बाद एक बार फिर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच शक्ति संतुलन को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि दोनों नेताओं ने अब तक इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।
कांग्रेस फिलहाल इन अटकलों को दबाने की कोशिश में जुटी है और पार्टी नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि सरकार और संगठन दोनों पूरी तरह स्थिर हैं। पार्टी का कहना है कि उसका पूरा ध्यान आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती पर है।
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