दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी किसी बड़ी टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ की टीम ने की।
पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ को आरोपियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने निगरानी अभियान शुरू किया और जानकारी के आधार पर संदिग्धों को ट्रैक कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। उन्हें समय रहते पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर विदेश से संचालित नेटवर्क के संपर्क में थे और उन्हें हमले को अंजाम देने के निर्देश दिए जा रहे थे।
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अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित थे और पहले भी टारगेट शूटिंग जैसी घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले की आगे जांच जारी है।
इस बीच, अमेरिका में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने 7 जुलाई से गैंग के खिलाफ 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' शुरू किया है। इस अभियान के तहत गैंग से जुड़े कई लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
एफबीआई ने गैंग से जुड़े सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति को 50 हजार अमेरिकी डॉलर तक का इनाम घोषित किया है। गोल्डी बराड़ पर कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं।
लॉरेंस बिश्नोई एक कुख्यात गैंगस्टर है, जिसके खिलाफ हत्या और रंगदारी समेत कई मामले दर्ज हैं। उस पर पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने का आरोप भी है। फिलहाल वह जेल में बंद है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह वहीं से अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा है।
पुलिस का कहना है कि अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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