धंधुका में हत्या और आगजनी की घटना के तीन दिन बाद प्रशासन ने अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अहमदाबाद जिले में की गई, जहां मंगलवार को कम से कम 15 इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कुछ निर्माण उन लोगों के थे जो हत्या के मामले में आरोपी हैं।
यह पूरा मामला एक सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ था। बाइक टक्कर के बाद हुए विवाद में 30 वर्षीय धर्मेश गमारा पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और गुस्साई भीड़ ने धंधुका में सड़क किनारे बनी कई दुकानों में आग लगा दी।
घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
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प्रशासन ने मंगलवार को अवैध निर्माणों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के कब्जे वाली संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जिन इमारतों को गिराया गया है उनमें से कुछ सीधे तौर पर आरोपियों या उनके परिवारों से जुड़ी थीं।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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