फरीदाबाद में दो दिन पहले हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर पीड़िता की बहन ने दर्दनाक आपबीती साझा की है। बहन ने बताया कि घटना वाले दिन शाम को उनकी आखिरी बार बात हुई थी। उस समय 25 वर्षीय युवती बेहद परेशान थी। रात 8:30 बजे वह अपनी एक दोस्त से मिलने के लिए घर से निकली और बस स्टॉप की ओर गई।
बहन के अनुसार, बातचीत के दौरान युवती ने कहा था कि वह ऑटो का इंतज़ार करेगी और फिर फोन काट दिया। इसके बाद करीब सात घंटे तक कोई संपर्क नहीं हुआ। रात करीब 3:30 बजे फोन दोबारा बजा, लेकिन उस कॉल में सिर्फ सन्नाटा था।
बहन ने बताया, “मैंने कॉल काटकर दोबारा फोन किया। वह कुछ नहीं बोल रही थी, फिर अचानक रोने लगी। मैं करीब आधे घंटे तक उससे बात करती रही और उसे शांत करने की कोशिश की।” इसके बाद परिवार को घटना की आशंका हुई और वे उसे तलाशने निकले।
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जब परिवार को वह मिली, तो उसका चेहरा बुरी तरह जख्मी था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया। बहन ने कहा कि अस्पताल पहुंचने तक वह बेहोश थी।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता कल्याणपुरी की रहने वाली है। उसने कथित तौर पर दो लोगों की एसयूवी में लिफ्ट ली थी। इसके बाद आरोपी उसे फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर करीब दो घंटे तक घुमाते रहे। आरोप है कि चलती कार में बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया गया और मदद के लिए चिल्लाने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
करीब रात 3 बजे आरोपियों ने उसे एसजीएम नगर के राजा चौक के पास सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। फिलहाल पीड़िता की हालत स्थिर बताई जा रही है और जांच जारी है।
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