गुजरात के मुख्य सचिव एम.के. दास ने हाल ही में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘स्वयं-संख्या’ अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह अभियान नागरिकों को स्वयं अपनी व्यक्तिगत और परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
स्वयं-संख्या अभियान का उद्देश्य सरकारी आंकड़ों को और अधिक सटीक बनाना है ताकि नीति निर्माण, योजना कार्यान्वयन और जनसांख्यिकीय विश्लेषण बेहतर तरीके से किया जा सके। मुख्य सचिव एम.के. दास ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल देश के हर नागरिक को सीधे सरकारी डेटाबेस में शामिल होने का अवसर प्रदान करती है और सरकारी नीतियों की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद करेगी।
इस अभियान के तहत नागरिक अपने परिवार, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक आर्थिक जानकारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। मुख्य सचिव ने लोगों से आग्रह किया कि वे समय पर अपनी जानकारी दर्ज करें ताकि आने वाली योजनाओं और लाभों का सीधा लाभ उन्हें मिल सके।
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एम.के. दास ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे इस अभियान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं-संख्या अभियान सिर्फ डेटा संग्रह का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों की भागीदारी और सहयोग से विकसित होने वाली मजबूत लोकतांत्रिक प्रणाली का प्रतीक भी है।
गुजरात सरकार और केंद्रीय एजेंसियां दोनों इस अभियान को सफल बनाने के लिए नागरिकों को डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही हैं। अभियान की सफलता के लिए राज्य में विभिन्न प्रचार-प्रसार और मीडिया अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
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