हरियाणा सरकार ने शंभू बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान संगठनों की मांगों से संबंधित ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि अगले 10 दिनों के भीतर उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कराने की व्यवस्था की जाएगी।
किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को विस्तृत मांगपत्र सौंपा। किसानों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने फसलों के उचित मूल्य, कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों तथा पूर्व में किए गए वादों को पूरा करने की मांग दोहराई।
हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और केंद्र सरकार तक उनकी बात पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र और किसान संगठनों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
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किसान नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर बैठक आयोजित होती है और उनकी मांगों पर ठोस चर्चा होती है तो यह समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शंभू बॉर्डर पिछले कई महीनों से किसानों के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में किसान विभिन्न राज्यों से पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत की नई पहल से गतिरोध समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी 10 दिनों के भीतर प्रस्तावित बैठक कब होती है और उसमें किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
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