शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मृत्यु के तुरंत बाद उनके उत्तराधिकारी या पार्टी नेतृत्व को लेकर चर्चा करना “अमानवीय” है।
संजय राउत ने कहा कि यदि किसी ने इस समय इस तरह का मुद्दा उठाया है, तो उसमें मानवता नाम की कोई चीज नहीं बची है। चाहे वह मंत्री हों या विधायक, ऐसे बयान पूरी तरह असंवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने अभी-अभी अपने पति को खोया है और उनकी आंखों में अभी भी आंसू हैं। ऐसे समय में सत्ता, पद या नेतृत्व की बातें करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरतलब है कि गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को, पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार की मौत के एक दिन बाद, एनसीपी के भीतर से कुछ आवाजें उठीं, जिनमें सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने और यहां तक कि पार्टी की कमान सौंपने की बात कही गई। एनसीपी, भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी है।
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संजय राउत ने कहा कि इस समय राजनीति से ऊपर उठकर संवेदना और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी महिला, जिसने अभी अपने जीवनसाथी को खोया हो, उस पर राजनीतिक जिम्मेदारियों और चर्चाओं का बोझ डालना अनुचित है।
सुनेत्रा पवार 2024 का लोकसभा चुनाव बारामती से हार चुकी हैं और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। वहीं, अजित पवार बारामती विधानसभा सीट से विधायक थे। 66 वर्षीय अजित पवार की अचानक हुई मृत्यु से न केवल एनसीपी को बड़ा झटका लगा है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी उथल-पुथल मच गई है।
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ऐसे माहौल में संजय राउत का बयान राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
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