बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित उत्पीड़न के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव मंगलवार, 22 सितंबर को पुलिस के साथ हुई कथित मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह मामला 19 सितंबर को सामने आया था और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद व्यापक आक्रोश देखने को मिला।
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल है और घटना के बाद गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश के बाद उसे पकड़ने की कार्रवाई की। पुलिस का यह भी आरोप है कि नंदन यादव अवैध बालू और शराब के कारोबार में शामिल रहा है।
पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया और उसे उसी आपातकालीन कक्ष में ले जाया गया, जहां नंदन यादव का इलाज चल रहा था।
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तीन नाबालिग हिरासत में
वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया। पुलिस के मुताबिक अब तक तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि महिला अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
मामले में पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो को हटाने के लिए भी आवश्यक कदम शुरू किए हैं।
19 सितंबर को क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की शाम नाबालिग लड़का और लड़की, जो दोस्त हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं, कक्षाओं के बाद लौट रहे थे। दोनों रास्ते में तस्वीरें लेने के लिए रुके थे। इसी दौरान युवकों के एक समूह ने कथित तौर पर उन्हें रोक लिया और दोनों के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार किया।
घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। पीड़ितों ने शुरुआत में पुलिस से शिकायत नहीं की थी। बाद में वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के पंजीकरण नंबर की मदद से पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
बिहार महिला आयोग ने भी जिला प्रशासन से घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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